बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होली का त्यौहार.....चंद्रशेखर जायसवार | @NeemuchToday

नीमच टूडे न्यूज़ | होली को रंगो का त्योहार माना जाता है और इस त्योहार को लेकर केसरिया हिंदू वाहिनी के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर जायसवार ने समस्त देशवासियों को बधाई देते हुए होलिका दहन के महत्वपूर्ण तथ्यों पर बताया की होली भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार में से एक है इस पर्व को प्रत्येक वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा के दिन मार्च महीने में बड़े हर्षोल्लाह के साथ मनाया जाता है यह त्यौहार प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है जिसमें परिवार के लोग ओर दोस्त मिलकर खुशियां बांटते हैं साथ ही एक दूसरे को रंग लगाते हैं व पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेते हैं होलीका दहन का ऐतिहासिक महत्व हिरण्यकश्यप और प्रहलाद की गाथा से जुड़ा है हिरण्यकश्यप जो की एक अहंकारी असुर राजा था उसने अपने राज्य में भगवान की पूजा करने पर रोक लगा दी थी

लेकिन उसका पुत्र प्रहलाद भगवान श्री विष्णु का परम भक्त था हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने के लिए कई बार प्रयास किये लेकिन वह हमेशा असफल रहा अंत में उसने अपनी बहन होलीका जिसको अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था से अपने पुत्र प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने को कहा लेकिन ईश्वर की कृपा से प्रहलाद तो सुरक्षित बच गया और होलीका जलकर भस्म हो गई इसी बुराई पर अच्छाई की जीत को लेकर निरंतर प्रति वर्ष होलिका का दहन किया जाता है और अगले दिन तरह-तरह के रंगों से होली खेल कर पूरी दुनिया खुशियां मानती है जो की बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है यह त्यौहार हमें प्रेम , सौहार्द और आपसी मेल मिलाप कि सीख देता है और इस बुराई पर अच्छाई की जीत के पावन पर्व होली के त्योहार पर केसरिया हिंदू वाहिनी परिवार समस्त देशवासियों को होली के रंगों से रंगीन पर्व की बधाई शुभकामनाएं देकर भाईचारे का संदेश प्रेषित करते हुए आपस में मिलजुलकर रहने की अपील करता है जिससे कि हम देश में एक नए राष्ट्र का निर्माण कर हिंदू राष्ट्र बनाने कि और अग्रसर हो सके !

जयश्री राम,भारत माता कि जय, केसरिया हिंदू वाहिनी की जय !!

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