नीमच टुडे न्यूज़ | पिपलिया स्टेशन (निप्र)। रविवार को हुई अचानक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों की रबी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया। कई खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं, कुछ स्थानों पर उत्पादन घटने और फसल सड़ने की स्थिति बन गई। इस पर किसानों का दर्द समझने और राहत सुनिश्चित कराने के लिए किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ने सोमवार को किशनगढ़, झारड़ा, लोढ़ाखेड़ा, गोपालपुरा, अड़माल्या, हरमाला, पिपलिया विशनिया, बोरखेड़ी, पामाखेड़ा और चंदनपुरा समेत प्रभावित गांवों का दौरा किया।
किसानों के आक्रोश के बीच किशनगढ़ में उन्होंने ग्रामीणों के साथ सड़क पर धरना प्रदर्शन शुरू किया। जवाब में तहसीलदार ब्रजेश मालवीय मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वस्त किया कि सात दिन के भीतर फसल नुकसान सर्वे कराया जाएगा। जोकचन्द ने अफीम अधिकारियों से भी चर्चा कर किसानों को राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 लाख रुपये मान से सहायता, पट्टाधारकों को अतिरिक्त मुआवजा और फसली ऋण पर ब्याज माफी दी जानी चाहिए। जोकचन्द ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सर्वे और मुआवजे की घोषणा नहीं हुई, तो किसान आंदोलन पर उतरेंगे। उन्होंने सरकार से कहा कि राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर किसानों के हित में त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएँ।