कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति का कार्य सिर्फ ब्लेकमेल करना रह गया है। वे निर्माण कार्यों को लेकर शिकायत करते हैं और ब्लेकमेलिंग का खेल खेलते हैं। निष्कासित पार्षदों ने कांग्रेस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए पीसीसी चीफ को भी पत्र लिखा है।
नीमच टुडे न्यूज | कांग्रेस से निष्कासित पार्षद हरगोविंद दीवान और सुमित्रा मुकेश पोरवाल ने कहा नगरपालिका परिषद के सम्मेलन में हाथापाई करने वाले पार्षद पति ओम दीवान व महिला पार्षद के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले योगेश प्रजापति पर कार्रवाई करने की बजाय जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौरसिया ने अपनी बात रखने वाले दो पार्षदों को पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई दी, यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण के अलावा एक पक्षीय है, परिषद के सम्मेलन में दो पक्ष के बीच में बातचीत हो रही थी, वहीं एक पक्ष को पार्टी से बाहर निकाल देना भेदभावपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है। इस मामले में पार्षद हमने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र लिखकर वास्तिविक स्थिति से अवगत कराया है।
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धन्यवाद देना प्रक्रिया का हिस्सा- कहां गलत
पार्षद हरगोविंद दीवान और सुमित्रा पोरवाल ने जारी प्रेस नोट में बताया नपाध्यक्ष ने हमारे वार्ड में जलकर की राशि कम किए जाने और वार्ड में हुए विकास कार्य को लेकर हम नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चौपडा व सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ का धन्यवाद ज्ञापित किया गया था। यह एक प्रक्रिया है, कहां गलत है। नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापति ने इस बात को लेकर महिला पार्षद सुमित्रा पोरवाल के साथ अशोभनीय भाषा का उपयोग कर धमकाया। नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस समर्थित पार्षदों को मोहरा बनाकर शहर में अवैध निर्माण, जमीन संंबंधित मामलों में शिकायतें कर अवैध वसूली करते है। वे जनहित के मामले उठाने की बजाय निजी स्वार्थपूर्ति के मामले उठाते है,उन पर कार्यवाही नहीं होती।
पार्षद पति ओम दीवान क्यों उतर आए मारपीट पर-
परिषद के सम्मेलन में नियमों को अगर देखा जाए तो नगरपालिका सदन की अनुमति लेकर पार्षद पति दर्शक दीर्घा की मुद्रा में बैठ सकते है, किन्तु सम्मेलन में जब योगेश प्रजापति द्वारा हो हल्ला किया जा रहा था, तो पार्षदपति ओम दीवान भरी बैठक में हाथापाई और मारपीट पर पर उतारू हो गए, जो वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है।
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खून में है कांग्रेस—
पार्षद हरगोविंद दीवान और सुमित्रा पोरवाल ने बताया कि उनके खून में कांग्रेस है, निजी स्वार्थ की पूर्ति व एक पक्षीय कार्रवाई कर पार्टी से निष्कासित करना गलत है। कांग्रेस पार्टी के लिए हमेशा काम किया है और आगे भी करते रहेंगे |