नीमच टुडे न्यूज़ । धामनिया–चीताखेड़ा सड़क मार्ग की जर्जर हालत एक बार फिर बड़े हादसे की वजह बनते-बनते रह गई। गुरुवार 5 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे चीताखेड़ा से नीमच जा रही सांवलिया यात्री बस रामनगर के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढों में फंस गई। अचानक तेज झटकों से बस के कमानी पत्ते, झूला सहित कई महत्वपूर्ण पार्ट्स टूट गए। गनीमत रही कि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे उसमें सवार करीब 30 यात्रियों की जान बच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार धामनिया–चीताखेड़ा मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है।
सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और धंसी हुई पटरियां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं। आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा न तो सड़क के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं और न ही अस्थायी मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में रामनगर के पास सड़क की पटरियां नीचे होने से फोर व्हीलर और टू-व्हीलर की भिड़ंत में संजय दास बैरागी गंभीर रूप से घायल हो गया, जो उदयपुर जिला अस्पताल में उपचाररत है। 30 जनवरी को कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने पीडब्ल्यूडी को सुधार के लिए चेतावनी दी थी, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों ने शीघ्र मरम्मत की मांग करते हुए बड़े हादसे की आशंका जताई है।