नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच में जैन संतों का मंगल प्रवेश जुलूस हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। आचार्य परंपरा के सानिध्य में आयोजित सामूहिक एकासन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। उपाध्याय गौतम मुनि जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि संत चलते-फिरते तीर्थ होते हैं और युवाओं को धर्म से जुड़कर आत्मकल्याण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि चौथमल जी महाराज की प्रेरणा से 156 राजाओं ने अहिंसा अपनाई थी।कार्यक्रम के तहत रेलवे स्टेशन मार्ग से भव्य जुलूस निकाला गया, जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ जैन स्थानक भवन पहुंचा, जहां धर्मसभा आयोजित हुई। इस दौरान भजन, प्रवचन और सम्मान समारोह भी हुए। समाजजनों ने आगामी 2027 में गुरु चौथमल जी महाराज की 150वीं जयंती भव्य रूप से मनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।