कुरीतियों का त्याग कर ही बनेगा श्रेष्ठ भारत – नीमच में भैया जी जोशी का सामाजिक बदलाव पर जोर | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच के टाउन हॉल में आयोजित प्रमुख मातृशक्ति एवं प्रमुखजन वृहद गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने सामाजिक बदलाव पर विस्तृत संवाद किया। उन्होंने कहा कि कुरीतियों और विकृतियों का त्याग किए बिना श्रेष्ठ भारत का निर्माण संभव नहीं है। “मैं बदलूंगा तो युग बदलेगा” का संदेश देते हुए उन्होंने ‘स्व’ केंद्रित आचरण अपनाने पर जोर दिया। प्रथम सत्र में मातृशक्ति से संवाद करते हुए परिवार, समाज, परंपराओं, रूढ़ियों और सुधार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

प्रबुद्ध महिलाओं ने समानता और सामाजिक सुधार के मुद्दों पर अपने विचार रखे। द्वितीय सत्र में प्रमुखजनों के साथ भारत की संस्कृति और सभ्यता के सामने खड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। भैया जी जोशी ने जातिगत भेदभाव, दहेज प्रथा और सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाएं, लेकिन पाश्चात्य अंधानुकरण से बचें। देशभक्ति को दैनिक जीवन में उतारने पर भी उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इस अवसर पर संघ के विभिन्न पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Top