नीमच टूडे न्यूज़ | भारत सरकार ने बीती रात वर्ष 2025- 26 के लिए अफीम नीति घोषित कर दी है। अफीम नीति के तहत सीपीएस सिस्टम वाले किसानों को पांच आरी का और चिरई वाले किसानों को 10 आरी का अफीम का लाइसेंस दिया जाएगा। सीपीएस सिस्टम वाले जिन किसानों ने 90 किलो डोडा दिया है, उन्हें इस वर्ष चिरई का लाइसेंस दिया जाएगा और जिन्होंने 80 किलो से कम डोडा दिया है, उन किसानों के पट्टे होल्ड पर रखे जाएंगे। अफीम नीति में ऐसे किसानों को फिर से चिरई का लाइसेंस दिया जाएगा जिन्होंने 4.2 की मार्फिन की मात्रता दी है।
ऐसे किसान जिन्होंने 3.0 से 4.2 के बीच मार्फिन की मात्रता दी है सीपीएस सिस्टम का लाइसेंस दिया जाएगा।

पढ़ें अफीम नीति
1. खेती का स्थान
अफीम की खेती के लिए केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचित किसी भी क्षेत्र में लाइसेंस दिया जा सकता है।
2. खेती के लिए पात्रता
इस अधिसूचना के खंड 3 और 7 के अधीन, निम्रलिखित किमान (विधिक वारिसों महित) नांर्सित के माध्यम से अफीम गोड प्राप्त करने के लिए अफीम पोस्त की खेती करने के लिए लाइसेंस के लिए पात्र होंगे
ऐसे किसान जिन्होंने फसल वर्ष 2024-25 के दौरान अफीम पोस्त की खेती की हो और प्रति हेक्टेयर 4.2 किलोग्राम से कम मॉर्फिन (एमक्यूबाई-एम) की औसत उपज पेश नहीं की हो।
ऐसे किमान जिन्होंने इसमे संबंधित प्रावधानों के अनुसार केन्द्रीय स्वाषक ब्यूरो की देखरेख में फसल वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान अपनी संपूर्ण पोस्त की फसल की जुताई की हो, परन्तु जिन्होंने इसी तरह फसल वर्ष 2021-22 के दौरान अपनी मम्पूर्ण पोस्त फसल की जुताई नहीं की थी।
वे किमान जिनके लाइसेंस मंजूर न करने के खिलाफ अपील को फसल वर्ष 2024-25 में निपटान की अंतिम तारीख के बाद अनुमति दे दी गई हो।
(iv) ऐसे किमान जो फसल वर्ष 2024-25 के लिए लाइसेंस के लिए पात्र थे, लेकिन किसी कारण से जिन्हें लाइनेंस प्रास नहीं हुआ/जारी नहीं हुआ, वा जिन्होंने लाइसेंस प्राप्त करने के बाद वास्तव में किसी कारण में अफीम की खेती नहीं की।
(v) किसान जिसे फंसल वर्ष 2024-25 के लिए फार्म संख्या 1 (नियम 7 देखें) के कॉलम मंख्या 11 में मृतक पात्र किसाम द्वारा नामित किया गया हो।
(vi) जिला अफीम अधिकारी द्वारा यया-निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद मृतक गाय कृषकों के कानूनी उत्तराधिकारियों में से एक, ऐसे मामलों में जहां किसी कारण से फॉर्म सख्या 1 में नामांकन नहीं किया गया है या पॉर्म संख्या 1 में परिवार के सदस्यों रक्त संबंधियों की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आने वाले व्यक्ति का नामांकन किया गया है।
(vii) ऐसे किसान जिन्होंने फसल वर्ष 2024-25 के दौरान पोस्त नूमा उत्पादन के लिए अफीम पोस्त की खेती की बी, जिसमें लांसिंग के माध्यम में कोई रस नहीं निकाला जाता है और जिन्होंने तौल केंद्र पर पोस्त नूया प्रस्तुत किया है. जिसकी औसत उपज 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या उससे अधिक है।
लाइसेंस की शर्तें
किसी भी किसान को तब तक लाइसेंस नहीं दिया जाएमा जब तक कि वह निस्रलिखित शर्ती को पूरा नहीं करना हैः
(1) उसने वास्तविक घेती के दौरान फसल वर्ष 2024-25 के दौरान पोस्त की खेती के लिए लाइसेंसशुदा वास्तविक क्षेष
से 5% जम्ब क्षेत्र से अधिक क्षेत्र में खेती न की हो।
(1) उसने कभी भी अफीम पोस्त की अवैध खेती न की हो तथा स्वापक औषधि तथा मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 और उसके अंतर्गत बनाये गए नियमों के अंतर्गत उस पर किसी अपराध के लिए किसी सक्षम न्यायालय में आरोप नहीं लगा हो।
(iii)
उसने फमल वर्ष 2024-25 के दौरान केन्द्रीय स्वापक ब्यूरो/स्वापक आयुक्त द्वारा किसानों को जारी किन्हीं विभागीय अनुदेशों का उल्लंघन नहीं किया हो।
4. अधिकतम क्षेत्र
(1) उपर्युक्त खंड 2 के अंतर्गत पात्र सभी किसानों को केवल एक प्लॉट में 0.10 हेक्टेयर का लाइसेंस जारी किया जाएगा। यह भूखंड एक से अधिक राजस्व बसरा नम्बरों में फैला हुआ हो सकता है।