नीमच टुडे न्यूज़ । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के उद्देश्य से “स्वच्छ जल अभियान” का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जल सुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलेगा और उन्हें स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन एवं अपर मुख्य सचिव संजय दुबे भी वीसी में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और कहीं भी दूषित जल पाए जाने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में दूषित जल आपूर्ति स्वीकार्य नहीं होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसीएस संजय दुबे ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यह अभियान दो चरणों में 10 जनवरी से 28 फरवरी तथा 1 मार्च से 31 मई 2026 तक संचालित होगा। अभियान के तहत जल शोधन संयंत्रों व टंकियों की सफाई, जीआईएस आधारित निगरानी, पाइपलाइन लीकेज जांच, जल स्रोतों की गुणवत्ता जांच और हर मंगलवार “जल सुनवाई” आयोजित की जाएगी। पेयजल से जुड़ी शिकायतें 181 पर दर्ज की जा सकेंगी। वीसी में नीमच एनआईसी कक्ष से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, नगर पालिकाध्यक्ष स्वाति चौपड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।