नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में 94 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बंगला नंबर 59 निवासी राजपाल की दिव्यांग बालिका कीर्ती के उपचार हेतु रेडक्रास से 15 हजार रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता स्वीकृत कराई। इसी तरह आमलीचक जावद निवासी बनास बाई बंजारा को गंभीर बीमारी के उपचार के लिए रेडक्रास से 10 हजार रुपये की सहायता दिलाई गई। जनसुनवाई में वृद्ध सत्यनारायण सालवी द्वारा बेटी व दामाद द्वारा मकान पर अवैध कब्जे की शिकायत पर कलेक्टर ने एसडीएम नीमच को भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बत्तीसड़ा की कलूबाई की कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाने के निर्देश एसडीएम मनासा को दिए गए।
बड़ी संख्या में नागरिकों ने भूमि, आवास, आर्थिक सहायता और अन्य समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए। इसी क्रम में जिले से जुड़ी प्रेरक सफलता की कहानियां भी सामने आईं। मनासा विकासखंड के ग्राम हासपुर की पूजादेवी कुशवाह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर गेहूं प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया। 50 लाख रुपये के ऋण एवं 10 लाख रुपये के अनुदान से शुरू किए गए उद्योग से वे प्रतिवर्ष 30 से 35 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और 5 से 7 युवाओं को रोजगार दे रही हैं। वहीं ग्राम भाटखेड़ी के जितेंद्र पाटीदार ने उन्नत गौपालन अपनाकर दुग्ध उत्पादन से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। बिना कृषि भूमि के भी वे प्रतिमाह लगभग 60 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। ये कहानियां शासन की योजनाओं की सफलता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती हैं।