नीमच टुडे न्यूज़ | राबडिया गांव की नई आबादी में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव इन दिनों पूरे क्षेत्र में धर्म और भक्ति का केंद्र बन गया है। कथा मर्मज्ञ बाल व्यास अंशिका देवी, श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्री राम कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से राबडिया धर्म क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। बीते सात दिनों से श्री राम की लीलाओं की अनुभूति से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर है।
कथा के सातवें दिन गुरुवार को श्री राम वनवास, केवट प्रसंग, निषादराज तथा श्री राम–भरत मिलाप की मार्मिक कथा का वर्णन करते हुए बाल व्यास अंशिका देवी ने कहा कि जीवन में भाइयों के बीच धन-संपत्ति नहीं, बल्कि विपत्ति का बंटवारा होना चाहिए। उन्होंने रामायण के आदर्श भाईचारे को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि निश्छलता ही संबंधों की सच्ची पहचान है। उन्होंने कहा कि राम कथा मानसरोवर के समान है, जिसमें परमहंस ही गोता लगाते हैं। ईश्वर प्रत्येक जीव में विद्यमान हैं और नवधा भक्ति का एक भी गुण मिलने पर भगवान श्री राम की कृपा प्राप्त होती है। श्री राम कथा महोत्सव समिति के माध्यम से आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः 11 से दोपहर 3 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं।