नीमच टुडे न्यूज़ | मनासा में वाहन विक्रय से जुड़े पुराने फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के चर्चित चेहरे राकेश अरोरा और उनके पुत्र दानिश अरोरा को गिरफ्तार किया है। यह मामला पहले से ही गैरजमानती धाराओं में दर्ज है और इसमें मृत व्यक्ति के फर्जी हस्ताक्षरों से वाहन नामांतरण किए जाने का गंभीर आरोप है। सूत्रों के अनुसार, मनासा पुलिस दल-बल के साथ राकेश अरोरा के निवास पर पहुंची, जहां कार्रवाई के दौरान महिला पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस ने दबिश देकर राकेश अरोरा और दानिश अरोरा को उनके घर से हिरासत में लिया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला वाहन विक्रय में नियमों को ताक पर रखकर किए गए दस्तावेजी हेराफेरी से जुड़ा है।
मृत वाहन मालिक के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर गाड़ी का ट्रांसफर किया गया, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि आरटीओ विभाग और दलालों की संभावित मिलीभगत भी जांच के दायरे में है। मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी ने संकेत दिए हैं किपूछताछ के बाद और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। इस मामले ने मनासा सहित पूरे जिले में हलचल मचा दी है