नीमच टुडे न्यूज | जब तक मेरा नहीं है तब तक कोई राग नहीं होता, दूसरों का नुकसान होता है तो चिंता नहीं होती है, जब मेरा है तो सुरक्षा की चिंता होती है। इसलिए मैं और मेरा है से बचना चाहिए तभी हम संसार में आत्म कल्याण की ओर अग्रसर हो सकते हैं। यह बात मुनि सुप्रभ सागर जी महाराज ने कहीं। वे दिगंबर जैन समाज नीमच द्वारा पुस्तक बाजार में नवनिर्मित संत आवास के लोकार्पण के निमित्त दिगंबर जैन मंदिर सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित समाज जनों को संबोधित करते हुए बोल रहे थे । कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण शशि विजय विनायका ने एक हजारों में मेरे प्यारे गुरुवर है सारी उम्र हमें भक्ति करना है.... गीत से किया। मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने बताया कि इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज नीमच के तत्वाधान में108 मुनि वैराग्य सागर जी महाराज,108 मुनि सुप्रभ सागर जी महाराज की निश्रा में 10 मई रविवार को सुबह 9 बजे शांति धारा के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। नगर पालिका द्वारा नवनिर्मित आचार्य शांति सागर मार्ग की सड़क का लोकार्पण समारोह भी आयोजित किया जाएगा।