नीमच टुडे न्यूज | राजस्थान के कांग्रेस नेता उदयलाल आंजना और उनका भांजा विक्रम आंजना किस तरह मप्र में सरकारी जमीनों को हड़प रहा है, इसका खुलासा कलेक्टर न्यायालय के आदेश हुआ है। नीमच जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव बरकटी की शासकीय पट्टे की अहस्तांरणीय जमीन एक बार नहीं बल्कि दो बार बिकी और दोनों बार राजस्थान के लोगों ने खरीदी और दोनों बार तथ्यों को छिपाया गया। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के सरकारी जमीन बिकती रही। पहली बार इस जमीन को राजस्थान की नरसाखेड़ी के कैलाशचंद्र पिता औंकारलाल और बसेड़ा के विजय पिता औंकारलाल ने खरीदा। दूसरी बार इन्हीं लोगों से इस जमीन को विक्रम पिता मोहनलाल आंजना, प्रणीत पिता विक्रम आंजना और हर्ष पिता कमल आंजना ने खरीदा। शासकीय पट्टे की जमीन की बंदरबांट होती रही। अब खुलासा होने मामले की जांच हो शासकीय जमीन की हेराफेरी, धोखधड़ी षडयंत्र का प्रकरण तो दर्ज हो ही, साथ ही पटवारी से लेकर रजिस्ट्रार तक नप जाएंगे। रजिस्ट्री के वक्त छिपाए तथ्य इस जमीन की रजिस्ट्री के वक्त तथ्यों को छिपाया गया। एक बार नहीं बल्कि दो बार छिपाया गया। शासन की अहस्तातरंण जमीन को क्रय-विक्रय के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी है लेकिन दोनों बार अनुमति नहीं ली गई।
…इसलिए कलेक्टर ने की शासकीय घोषित शासन के हस्तातंरण पट्टे की जमीन को खरीदने या बेचने के लिए मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 के तहत सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी होती है लेकिन जमीन दो बार बिकी और वह भी बिना अनुमति के। तहसीलदार और एसडीएम के प्रतिवेदन पर गौर करते हुए नीमच कलेक्टर न्यायालय ने विक्रम आंजना, हर्ष आंजना और प्रणीत आंजना के नाम हुई 31 बीघा जमीन का शासकीय घोषित कर दिया।