नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच शहर के नालों में फैली जलकुंभी को लेकर नगरपालिका के पूर्व स्वास्थ्य सभापति डॉ. पृथ्वीसिंह वर्मा ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जलकुंभी के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया और कीटाणु पनपते हैं और हैजा, टाइफाइड, पेचिश, पीलिया सहित कई संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। दूषित जल के संपर्क में आने से त्वचा रोग, फंगल इंफेक्शन और जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, वहीं मच्छरों का प्रजनन बढ़ने से महामारी की आशंका रहती है। डॉ. वर्मा ने कहा कि जलकुंभी से आसपास की कॉलोनियों के कुएं और नलकूप भी दूषित हो सकते हैं। नालों के पानी से खेतों में की जा रही सब्जियों की सिंचाई से सब्जियां भी प्रदूषित हो रही हैं, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वर्षों से नालों की सफाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में कोई काम नहीं हुआ। डॉ. वर्मा ने जिला प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई कर जलकुंभी हटाने की मांग की।