नीमच टुडे न्यूज़ | श्रीमती राम किशोरी राजेश दीक्षित द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में राष्ट्रीय अटल गौरव रत्न से सम्मानित भागवताचार्य पंडित गोविंद उपाध्याय ने भगवान के अवतार और भक्तों की रक्षा के महत्व पर गहन व्याख्यान दिया। पंडित उपाध्याय ने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं। अधर्म का नाश और सज्जनों की सुरक्षा के लिए भगवान नरसिंह ने प्रकट होकर प्रहलाद की रक्षा की थी। इस अवसर पर भगवान के वामन अवतार की दिव्य झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसमें राजा बलि ने ब्राह्मण रूप धारी वामन को तीन पग भूमि दान किया।
उनके इस बलिदान और धर्मपरायणता के कारण राजा बलि का नाम आज भी अजर-अमर माना जाता है और वे सप्त चिरंजीवियों में शामिल हैं। पंडित गोविंद उपाध्याय ने बताया कि कथा का श्रवण अंतकरण को पवित्र करता है और अंदर से आत्मिक परिवर्तन करना सिखाता है। कथा में पतिव्रत धर्म, भक्तिभाव और त्याग के अद्भुत संदेश दिए गए। उदाहरण स्वरूप, अनुसूया माता ने अपने धर्म और तपस्या के कारण तीन देवताओं को अपनी संतान के रूप में प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा का सीधा प्रसारण मनासा लाइव चैनल पर किया गया, जिससे देश और विदेश के हजारों भक्तों ने ऑनलाइन श्रवण किया। आयोजन में स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से भारी जनसंपर्क भी उपस्थित रहा, जिन्होंने कथा के माध्यम से धार्मिक ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश ग्रहण किया।