राबडिया में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का हवन-पूजन व भंडारे के साथ भव्य समापन, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | चीताखेड़ा  राबडिया की नई आबादी में 2 जनवरी से आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शनिवार को पूर्णाहुति हवन-पूजन, आरती एवं भंडारे के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। श्रीराम कथा समिति राबडिया के तत्वावधान में आयोजित इस कथा में वृंदावन से पधारी कथा मर्मज्ञ बाल व्यास अंशिका देवी ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों से हजारों श्रद्धालुओं को श्रीराम भक्ति में सराबोर कर दिया। समापन दिवस पर कथा पंडाल में ग्रामीणों, नगरवासियों एवं श्रमिक वर्ग सहित हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। व्यासपीठ से कथा रसधारा प्रवाहित करते हुए बाल व्यास अंशिका देवी ने कहा कि जीवन में परिवर्तन के लिए सबसे पहले स्वयं को बदलना आवश्यक है।

बच्चों को बचपन से ही संस्कारवान बनाना चाहिए, क्योंकि संस्कारहीन संतान परिवार की सुख-शांति को नष्ट कर देती है। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं होता और हनुमान जी की सच्चे मन से भक्ति करने वाले के जीवन में कभी संकट नहीं आता। कथा के अंतिम दिन हनुमान जी का लंका प्रवेश, लंका दहन, मेघनाथ-कुंभकर्ण वध, रावण संहार तथा भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं राजतिलक का संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण वर्णन किया गया। पूर्णाहुति के पश्चात महाप्रसाद भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। कथा समापन पर भव्य पौथी यात्रा निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए श्री चारभुजा नाथ मंदिर पहुंची। अंतिम दिन क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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