दान का पुण्य संकट की घड़ी में करता है हमारी रक्षा – पं. सोमनाथ महाराज श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आज होगी पूर्णाहुति | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच दान से प्राप्त पुण्य मानव जीवन में सदैव साथ रहता है और संकट की घड़ी में हमारी रक्षा करता है। यदि अज्ञानवश कोई पाप कर्म हो जाए तो पूर्व में किया गया पुण्य ही हमें उससे उबारता है। दान से धन शुद्ध होता है और मन पवित्र बनता है। यह प्रेरक विचार कथा मर्मज्ञ पं. सोमनाथ महाराज ने पंचमुखी बालाजी हनुमान मंदिर, कानाखेड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा साप्ताहिक महोत्सव के दौरान व्यक्त किए। मंदिर स्थापना दिवस एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित कथा में पं. महाराज ने कहा कि जहां प्रेम होता है वहां भगवान श्रीकृष्ण का वास होता है।

गोमाता के प्रति प्रेम और दया भाव रखने से आत्मा का कल्याण संभव है। उन्होंने श्रीकृष्ण-कुब्जा प्रसंग सहित अक्रूर, नंदराय, राधा, कंस वध, शिशुपाल, रुक्मिणी विवाह, परीक्षित मोक्ष और मकर संक्रांति पर्व के धार्मिक महत्व को विस्तार से समझाया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की मनोहारी नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। 108 दीपकों से सामूहिक आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। नागदा मेनारिया समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विद्यालयी छात्र उपस्थित रहे। आज अंतिम दिवस सुदामा चरित्र, उद्धव ज्ञान एवं परीक्षित मोक्ष प्रसंग के साथ कथा की पूर्णाहुति होगी।

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