नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच नगरपालिका के अधिपत्य वाले सरकारी खेत नंबर-38 को हड़पने का खेल बीते 17 वर्षों से चल रहा है। करीब 500 करोड़ रुपये की इस बहुमूल्य जमीन पर बार-बार की गई कार्रवाइयों के बावजूद कांग्रेस नेता उदयलाल आंजना और उनके भांजे विक्रम आंजना ने अपना कब्जा बनाए रखा। अंग्रेजों के जाने के बाद यह खेत नीमच म्युनिसिपल काउंसिल के अधीन आया। वर्ष 1957-58 में, नगरपालिका के कैंटोनमेंट बनने के बाद, आरपी देसाई द्वारा यह खेत बुद्धाराम यादव को मात्र एक साल के लिए कृषि कार्य हेतु 116 रुपये वर्गफीट की दर से लीज पर दिया गया था। बाद में वर्ष 1973-74 में लीज अवधि बढ़ाई गई, लेकिन इसके बाद नियमों को ताक पर रखकर कब्जे का खेल शुरू हो गया। आरोप है कि उदयलाल आंजना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बुद्धाराम यादव के परिजनों से केवल कब्जे की रजिस्ट्री अपने भांजे विक्रम आंजना के नाम करा ली, जो पूरी तरह फर्जी बताई जा रही है। इसी मामले में ईओडब्ल्यू ने विक्रम आंजना और हरीश आंजना के खिलाफ धारा 420 व 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
गौरतलब है कि शहर के बीचोंबीच स्थित यह जमीन सीएम राइज स्कूल के लिए सबसे उपयुक्त मानी जा रही है, लेकिन सरकारी उपयोग के बजाय इसे निजी कब्जे में रखा गया है, जिससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।