नीमच टुडे न्यूज़ | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योग हितैषी नीतियों के चलते नीमच जिला तेजी से औद्योगिक विकास की नई पहचान बना रहा है। पिछले ढाई वर्षों में जिले में बड़े निवेश और नई औद्योगिक इकाइयों के कारण रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सभी प्लॉट आवंटित हो चुके हैं, जहां 44 से अधिक औद्योगिक इकाइयां उत्पादन कर रही हैं और करीब 2500 लोगों को रोजगार मिला है।
टेक्सटाइल और डेनिम सेक्टर में स्वराज सूटिंग्स, विश्वेश्वरा डेनिम और सुविधा रेयांस जैसी कंपनियों ने करोड़ों का निवेश किया है। मोरवन में बन रही इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल मिल से करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी, एथेनॉल, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े उद्योग भी जिले में स्थापित हो रहे हैं। एमपीआईडीसी द्वारा चीताखेड़ा में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। राजस्थान और गुजरात सीमा से जुड़ा होने के कारण नीमच अब लॉजिस्टिक और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।