नीमच टुडे न्यूज | ओशो महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर नीमच में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ध्यान और आत्मिक जागरूकता पर आधारित सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वामी सरमद (प्रकाश लालवानी) ने किया, जो ओशो के पुणे आश्रम सहित विभिन्न आश्रमों में भ्रमण कर अनेक ध्यान विधियों का अनुभव प्राप्त कर चुके हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राकेश (पप्पू) जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं ध्यान सत्र में सहभागिता की और भगवान बुद्ध के विचारों पर प्रकाश डाला। जैन ने कहा कि ओशो ने बुद्ध के दर्शन और संदेश को आधुनिक समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
बुद्ध पर ओशो द्वारा डाली गई गहन रोशनी के लिए उन्होंने ओशो के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। स्वामी सरमद ने बताया कि नियमित ध्यान से तनाव, चिंता (एंजाइटी) और मानसिक अवसाद से मुक्ति संभव है। उन्होंने कहा कि जैसे भोजन शरीर को ऊर्जा देता है, वैसे ही ध्यान आत्मा को ऊर्जा प्रदान करता है। यदि व्यक्ति दिन के 24 घंटों में से केवल एक घंटा ध्यान के लिए निकाल ले और शेष समय संसार के कार्यों में लगाए, तो जीवन में आनंद और संतुलन स्वतः आ जाता है। मुख्य अतिथि जैन ने आमजन से योग, ध्यान और मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “योग करें, ध्यान रखें और निरोग रहें”। कार्यक्रम के अंत में सभी साधकों को प्रेमपूर्ण प्रणाम और नमन किया गया।