बसंत प्रकृति के उल्लास का प्रतीक – डॉ. कमलेश पाटीदार, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय में बसंत उत्सव धूमधाम से संपन्न | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच ज्ञानोदय विश्वविद्यालय परिसर में बसंत उत्सव हर्षोल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के डॉ. कमलेश पाटीदार ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत ऋतु प्रकृति के उल्लास, नवजीवन और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। यह ऋतु मानव जीवन में सकारात्मकता, आशा और आनंद का संचार करती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण को अपनाने और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को जीवन में उतारने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान बालकवि बैरागी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र शक्तावत ने प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के जीवन, साहित्य और योगदान पर प्रकाश डाला। ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. हेमंत प्रजापति मंचासीन रहे और उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन जीआईएमटी की उप प्राचार्य डॉ. विनिता डावर ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन जीआईपीएस के प्राचार्य सुरेंद्र पांडे ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। उक्त जानकारी प्रो. अनूप चौधरी द्वारा दी गई।

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