नीमच टुडे न्यूज़ | मंदसौर सिटी कोतवाली में पदस्थ आरक्षक धर्मेंद्र सिंह पंवार की मौत से पुलिस विभाग और उनके परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर चूहे मारने वाली दवा का सेवन किया, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। धर्मेंद्र सिंह पंवार मूल रूप से नीमच जिले के पामाखेड़ा गांव के निवासी थे। वे 26 जनवरी से ड्यूटी से अनुपस्थित थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनको संजीत नाका ओवरब्रिज के पास अचेत अवस्था में पाया गया। परिचितों ने उन्हें तुरंत मंदसौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रातभर उनका उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें इंदौर रेफर करने की सलाह दी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एंबुलेंस से इंदौर जाते समय नागदा के पास रास्ते में ही उनका निधन हो गया।धर्मेंद्र अपने पिता फतेह सिंह पंवार के इकलौते पुत्र थे, जिन्हें पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस में नौकरी मिली थी। वे अपने पीछे दो छोटे बच्चे और दो बहनों को छोड़ गए हैं। कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र राठौर ने बताया कि आरक्षक ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।