नीमच टुडे न्यूज़ | भीलवाड़ा/इंदौर राजस्थान के भीलवाड़ा से इंदौर जाते समय दलित हिंदू नेता मनोज परमार ने मानवता और भाईचारे की एक मिसाल पेश की। रास्ते में उन्हें एक पलटी हुई कार दिखाई दी, जिसमें एक मुस्लिम परिवार फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मनोज परमार तुरंत अपनी गाड़ी से उतरे और बिना समय गंवाए दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पलटी हुई कार में सवार परिवार अजमेर शरीफ के दर्शन करके लौट रहा था। अचानक हुई दुर्घटना में वे घबरा गए थे, लेकिन मनोज परमार की त्वरित मदद से उनकी जान बच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उनके साहस और मानवता की खुले दिल से सराहना की। यह घटना यह साबित करती है कि धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर इंसानियत होती है। मनोज परमार का यह मानवीय कदम समाज में आपसी भाईचारे, सौहार्द और मानवता के मूल्यों को और मजबूत करता है।
