नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच अफीम तौल और गुणवत्ता जांच के नियमों में हाल ही में किए गए बदलाव को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष Tarun Baheti ने मालखेड़ा स्थित अफीम तौल केंद्र पहुंचकर नई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स विभाग द्वारा लागू की गई STD (स्टैंडर्ड) और WM (वाटर मिक्स) जैसी नई श्रेणियों से प्रक्रिया जटिल हो गई है। बाहेती ने आरोप लगाया कि एक ओर अधिकारी दावा कर रहे हैं कि अंतिम गुणवत्ता निर्णय मशीन द्वारा किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मौके पर हाथ से जांच कर अफीम को श्रेणीबद्ध किया जा रहा है, जिससे किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पुरानी ‘झरड़े’ प्रणाली को अधिक पारदर्शी बताते हुए कहा कि उसमें किसान को तुरंत गुणवत्ता और कटौती की जानकारी मिल जाती थी। नई व्यवस्था में किसानों को 4–5 दिन तक परिणाम का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है। इस दौरान बाहेती ने अधिकारियों से चर्चा कर किसानों की समस्याएं भी रखीं। उन्होंने मांग की कि या तो पुरानी प्रणाली बहाल की जाए या फिर पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः मशीन आधारित और पारदर्शी बनाया जाए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल सोमवार को डीएनसी से मुलाकात कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेगा।
