नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में मुनि श्री सुप्रभ सागर महाराज ने कहा कि अहंकार त्यागे बिना सच्चा ज्ञान प्राप्त नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि ज्ञानी व्यक्ति सदैव विनम्र रहता है और ज्ञान का कभी अहंकार नहीं करता। पुस्तक बाजार स्थित जैन मंदिर सभाभवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि व्यक्ति को पहले ज्ञान को गहराई से समझना चाहिए और फिर उसे जीवन में उतारना चाहिए।
मुनि श्री वैराग्य सागर महाराज ने भी संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने रूप, धन, तप और यश का अभिमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने संयम और त्याग को जीवन का आधार बताते हुए इंद्रियों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। मीडिया प्रभारी अमन विनायका ने जानकारी दी कि 10 मई को आचार्य शांति सागर मार्ग का लोकार्पण होगा, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान और शांतिधारा का आयोजन किया जाएगा। वहीं 12 व 13 मई को नव निर्मित संत भवन का लोकार्पण समारोह आयोजित होगा। कार्यक्रम में समाजजनों ने मुनियों का चरण वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।