नीमच टुडे न्यूज | नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की कोर्ट ने एतिहासिक फैसला सुनाते हुए भूमाफिया कांग्रेस नेता उदयलाल आंजना के भांजे विक्रम आंजना के सरकारी जमीन हड़पने के मुंसूबों पर पानी फेर दिया। नीमच कलेक्टर न्यायालय द्वारा भूमाफिया विक्रम आंजना, उसके बेटे प्रणीत आंजना और हर्ष आंजना पिता कमल आंजना के नाम पर अवैध तरीके से की गई 31 बीघा सरकारी जमीन को फिर से शासकीय घोषित कर दिया है। यह जमीन नीमच जिले के आदिवासी बाहुल्य गांव बरकटी में है। भूमाफिया विक्रम आंजना इस जमीन पर बेटे प्रणीत आंजना के लिए सोलर एनर्जी का प्लांट डालने की तैयारी कर रहा था। शासकीय पट्टे की 31 बीघा जमीन को ओने-पौने दाम पर खरीद लिया था। नीमच टुडे द्वारा इस खबर का प्रमुखता को प्रमुखता उठाया गया और आदिवासियो के हक में आवाज उठाई गई, जिसका असर यह हुआ कि नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा आंजना के नाम हुई ग्राम बरकटी की 31 बीघा जमीन को शासकीय घोषित कर दिया गया है।
ये जमीन फिर शासकीय
सर्वे नंबर- 874- रकबा 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर-875-रकबा 0.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 879-रकबा 0.80 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 883 रकबा 0.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 884 रकबा- 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 881 रकबा. 1.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 878 रकबा 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 827 रकबा 0.35 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 877 रकबा 1.65 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 876 रकबा- 0.50 हेक्टेयर
तथ्यों को छिपाकर खरीदी गई थी जमीनें
भूमाफिया विक्रम आंजना ने तथ्यों का छिपाकर अवैध तरीके से ग्राम बरकटी में आदिवासियों के पट्टे की जमीन को पौने-पौने दाम में खरीदा। कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि मप्र भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 के तहत तथ्यों को छिपाकर जमीन का अवैध तरीके से अतंरण किया गया।
दो बार बिकी सरकारी जमीन
ग्राम बरकटी की सरकारी जमीन का पट्टा ग्राम घसुंडी जागिर के जिन लोगो के नाम हुआ। उन्होंने इस जमीन को कैलाशचंद्र पिता ऊंकारलाल निवासी नरसाखेड़ी और विजय पिता औंकारलाल निवासी बसेड़ा के नाम की थी। बाद में इन लोगों ने यह जमीन विक्रम पिता मोहनलाल आंजना निवासी केंसुदा, प्रणीत पिता विक्रम आंजना निवासी केंसुदा और हर्ष पिता कमल आंजना को बेच दी।
नीमच टुडे ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
ग्राम बरकटी में आदिवासियो की सरकारी जमीन को भूमाफिया विक्रम आंजना हड़प रहा था। इस मामले को प्रमुखता से नीमच टुडे ने उठाया। गांव बरकटी पहुंचकर नीमच टुडे ने आदिवासियों की आवाज बना। नीमच कलेक्टर न्यायालय द्वारा एतिहासिक फैसला सुनाते हुए 31 बीघा जमीन को सरकारी घोषित कर दिया।