नीमच टुडे न्यूज | नीमच की सरकारी जमीनें हड़पन वाले राजस्थान के कांग्रेस नेता उदयलाल आंजना के भांजे विक्रम आंजना पर बड़ी कार्यवाही करते हुए आदिवासी बाहुल्य गांव बरकटी की 31 बीघा जमीन को सरकारी घोषित करने के बाद रिकार्ड में शासकीय दर्ज कर लिया गया है। ग्राम पंचायत घसुंडी जागिर के ग्राम बरकटी में विक्रम आंजना ने खुद अपने और बेटे प्रणीत आंजना व हर्ष आंजना के नाम से 31 बीघा जमीन औने-पौने दाम में खरीद ली थी। यह जमीन उन पट्टेधारियों से खरीदी जिसने बेचने का अधिकार नहीं था, बावजूद इसके जमीन खरीद कर बड़ा खेल किया गया। मामले की शिकायत होने के बाद नीमच कलेक्टर ने न्यायालय ने विक्रम आंजना उनका बेटा प्रणीत आंजना और हर्ष आंजना के नाम पर हुई 31 बीघा जमीन को शासकीय घोषित किया और अब रिकार्ड में शासकीय दर्ज हो गई है।

आंजना की ये जमीन हुई सरकारी
सर्वे नंबर- 874- रकबा 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर-875-रकबा 0.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 879-रकबा 0.80 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 883 रकबा 0.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 884 रकबा- 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 881 रकबा. 1.50 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 878 रकबा 1.00 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 827 रकबा 0.35 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 877 रकबा 1.65 हेक्टेयर
सर्वे नंबर- 876 रकबा- 0.50 हेक्टेयर
तथ्यों को छिपाकर खरीदी गई थी जमीनें भूमाफिया विक्रम आंजना ने तथ्यों का छिपाकर अवैध तरीके से ग्राम बरकटी में आदिवासियों के पट्टे की जमीन को पौने-पौने दाम में खरीदा। कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि मप्र भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 के तहत तथ्यों को छिपाकर जमीन का अवैध तरीके से अतंरण किया गया। नीमच टुडे ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा नीमच टुडे का लोगो लगाए ग्राम बरकटी में आदिवासियो की सरकारी जमीन को भूमाफिया विक्रम आंजना हड़प रहा था। इस मामले को प्रमुखता से नीमच टुडे ने उठाया। गांव बरकटी पहुंचकर नीमच टुडे ने आदिवासियों की आवाज बना। नीमच कलेक्टर न्यायालय द्वारा एतिहासिक फैसला सुनाते हुए 31 बीघा जमीन को सरकारी घोषित कर दिया।