नीमच टुडे न्यूज़ | जिले के जमुनियाखुर्द गांव में महिलाओं ने आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। वर्ष 2019 में गांव में पहला महिला स्वयं सहायता समूह बना था, जिसके बाद अब यहां 14 समूह सक्रिय हैं। समूह से जुड़ी मीना खारोल कृषि सखी और लखपति सीआरपी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने दिया-बत्ती निर्माण और “किराना एक बगिया माँ” गतिविधि शुरू कर प्रतिमाह 24 हजार और वार्षिक 2.88 लाख रुपए की आय हासिल की है। पहले मजदूरी और घरेलू कार्य तक सीमित महिलाएं अब खेती, पशुपालन और स्वरोजगार से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। समूह की महिलाओं ने पक्का मकान बनाया, ट्रैक्टर और बाइक खरीदी तथा बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रही हैं। मीना खारोल की पहल से गांव की अन्य महिलाएं भी रोजगार गतिविधियों से जुड़ रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से गांव में महिला सशक्तिकरण और विकास को नई गति मिली है।