नीमच टुडे न्यूज़ | चीताखेड़ा गांव की रहने वाली वनिषा लोहार सब इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रही थी, लेकिन कैंसर ने उसकी जिंदगी निगल ली। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वनिषा एमपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान उसके पैर में ट्यूमर और तेज जलन की समस्या शुरू हुई। पहले नीमच में इलाज कराया गया, बाद में अहमदाबाद और उदयपुर में जांच करवाने पर कैंसर होने का पता चला। बीमारी इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही महीनों में वनिषा जिंदगी की जंग हार गई। बेटी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। वनिषा की मां रोते हुए कहती हैं कि उनकी बेटी पढ़ाई में बेहद होशियार थी और परिवार ने उसे बचाने के लिए हरसंभव इलाज कराया, लेकिन कैंसर ने उनकी बेटी को उनसे छीन लिया। वनिषा के पिता नवीन लोहार ने बेटी को खोने के बाद टूट गए हैं, सब इंस्पेक्टरक सपना देख रही बेटी गांव में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी लड़की थी कैंसर ने उसका जीवन छीना तो नवीन लोहार चुप नहीं बैठे और गांव से कैंसर को खत्म करने की मुहीम शुरू कर दी। उन्होंनें गांव में सर्वे कर एक सूची बनाई जिससे यह पता चला कि गांव में अब तक कैंसर से छह लोगों की मौत हो गई है जबकि 15 लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।