नीमच टुडे न्यूज़ | शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं बंद करने का वर्षों पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में खुलासा हुआ है कि 26 दिसंबर 2011 को आयोजित प्रबंधन समिति की बैठक में अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं बंद करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हारून रशीद कुरैशी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, उस समय कक्षाओं के लिए कमरों की कमी और अंग्रेजी माध्यम में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ने को निर्णय का आधार बताया गया था। कुरैशी ने इस फैसले को प्रबंधन की विफलता बताते हुए कहा कि कमरों की व्यवस्था करना और छात्रों को आकर्षित करने के प्रयास करना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसके बजाय अंग्रेजी माध्यम ही बंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय का सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को हुआ। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।