बारिश की लंबी खेंच और तेज धूप से फसलों पर संकट, चीताखेड़ा क्षेत्र के किसान चिंतित @NeemuchToday

 

नीमच टुडे न्यूज़ |क्षेत्र में बारिश का दौर थमने और लगातार तेज धूप व हवाओं के कारण खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं होने से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों के अंकुरण को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।

खरीफ सीजन की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से किसानों ने उत्साह के साथ बोवनी पूरी कर ली थी, लेकिन इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। तेज गर्मी के कारण मिट्टी सूखने लगी है और खेतों में अंकुरित हो रहे पौधे पानी का इंतजार कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल खराब होने के साथ दोबारा बोवनी का खर्च उठाना पड़ सकता है। कई किसान पहले ही दो से तीन बार बोवनी कर चुके हैं। किसान कन्हैयालाल माली ने बताया कि उन्होंने 12 बीघा जमीन में तीन बार सोयाबीन की बोवनी की, जिसमें बीज, ट्रैक्टर, खाद सहित करीब 84 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं।

किसानों ने बताया कि बारिश की कमी का असर केवल फसलों पर ही नहीं बल्कि भूजल स्तर और जलस्रोतों पर भी पड़ रहा है। नदी, तालाब और कुओं में पानी की आवक नहीं होने से आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

Top