नीमच टुडे न्यूज़ | इन दिनों उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के धांगुर धर्मांतरण के मामले में यूपी की सरकार ने अवैध हवेली निर्माण के मामले में किन-किन अफसर की जवाबदारी है उसे संज्ञान में लेकर विगत 5 वर्षों के अधिकारियों की सूची बनाने के आदेश जारी किए हैं ताकि उन पर इसकी जवाबदारी की कार्रवाई की जा सके सजा मिले बड़ा अच्छा लगा चलो गलत काम करने वालों की जवाबदारी तो तय करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है ताकि पैसा लेकर अवैध कामों को वैध करने का जो गणित कार्य किया उसकी सजा उन्हें मिले क्योंकि अधिकारी गलत काम करके तबादला होने पर चले जाते हैं माल कमाकर फिर उनकी गलती की सजा शहर और वहां के नागरिक भुगते हैं जनता का गाड़ी कमाई का पैसा गलत काम में लग जाता है अभी तक उनकी कोई जवाबदारी तय नहीं थी चाहे वह स्कूल निर्माण की बात हो, चाहे पुल निर्माण की बात हो, या फिर सड़कों के निर्माण में जो कि सब घटिया और मिलावटी होता है जमकर कमीशन बटता है जो फिरभी एक ही बारिश में डह जाता है और कई मामलों में देखा गया कि वह उद्घाटन के पूर्व ही स्वाहा हो जाता है, गलत पुल, गलत सड़क बनाने वाले किसी भी इंजीनियर अफसर की कोई भी जवाबदारी नहीं होती है और जनता की गाड़ी कमाई डूब जाती है, अवैध निर्माण पूर्ण होने तक सरकारी इंजीनियरों की निगाह में नहीं आता शिकायत होने पर तोड़ा जाता है तो फिर जवाबदारों को वेतन किस बात का उन्हें वेतन क्यों दिया जाता है शिकायतकर्ता को ही पुरुस्कृत करना चाहिए जो कि उन लोगों का काम कर रहा है,
कब तक जवाबदार जवाबदारी से बचेगा और मजे करेगा ऐसा लगता है कि अब सरकार का ध्यान इस और जाने लगा है इन सब के गलत कामों पर रोक लगाने के लिए एक सुझाव इन कार्यों का जनता द्वारा सोशल ऑडिट होना चाहिए, निर्माण स्थल पर सार्वजनिक बोर्ड लगना चाहिए कि इस कार्य में कितनी लागत आवेगी एंव कितने समय में बनेगा किन चीजों का किस रेशों में उपयोग होगा और इसकी गारंटी कब तक रहेगी इसमें किस अधिकारी की देखरेख रहेगी गुणवत्ता और क्वालिटी को जनता चेक कर सकेगी ऐसा यदि हो जाता है तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा कर्मचारी अधिकारी अफसर लोग गलत काम करने से बचेंगे और इस व्यवस्था में सुधार होगा और जनता को परेशानियों से मुक्ति मिलेगी जवाबदारी तय हो जाएगी तो फिर शायद सरकारी निर्माण समय पर और श्रेष्ठ क्वालिटी का होने लगेगा अब समय आ गया है इन सब बातों पर गंभीरता से ध्यान देने का और जनप्रतिनिधियों को भी इस और कदम बढ़ाना चाहिए