भारतीयता जीवन का आचरण है, धोखा और झूठ से दूर रहना ही सच्ची भारतीयता — डॉ. जोशी | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | “किसी को धोखा न देना, झूठ न बोलना और धर्मनिष्ठ जीवन जीना ही भारतीयता है।” यह विचार भारत एवं भारतीयता विषय पर सरस्वती शिशु मंदिर प्रतिष्ठान, नीमच में आयोजित विद्वतजन गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ. संजय जोशी ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। डॉ. संजय जोशी ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र को सुरक्षित रखने के लिए बुद्धिजीवियों, चिंतकों और विद्वानों का एक मंच पर आकर विचार करना और लिए गए निर्णयों पर सामूहिक रूप से चलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीयता सहयोग, प्रेम, करुणा, सत्य और आत्मीयता की जीवन दृष्टि है, जिसे आचरण में उतारना ही सच्चा धर्म है।

मंदसौर से आए अतिथि रविंद्र सोहनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति आज भी जीवित है, आवश्यकता है कि बच्चों को घर में ही वेद, रामायण और गीता का ज्ञान दिया जाए। उन्होंने भारत में जन्म को सौभाग्य बताया। विष्णु नारोलिया ने कहा कि मिल-बांटकर भोजन करना भारतीय संस्कृति का प्रतीक है और भारतीयता को अपनाने के लिए पाश्चात्य प्रभाव से दूरी बनानी होगी। गोष्ठी में उपस्थित विद्वानों ने धर्मांतरण, संस्कृत शिक्षा और भारतीय ग्रंथों को पाठ्यक्रम में शामिल करने जैसे विषयों पर विचार रखे। कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्य महेश गदले ने आभार व्यक्त किया।

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