नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच बिचला गोपाल मंदिर में आयोजित सर्वसमाज की बैठक में आगामी होली पर्व को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में श्री कर्मकाण्डीय विप्र परिषद के शास्त्रोक्त निर्णय को सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए तय किया गया कि होलिका दहन 2 मार्च 2026 को रात्रि 1:30 बजे भद्रा पुच्छ में किया जाएगा, जबकि धुलेण्डी पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। परिषद अध्यक्ष पं. राधेश्याम उपाध्याय ने बताया कि विभिन्न पंचांगों एवं ग्रंथों के अध्ययन के बाद यह मुहूर्त निर्धारित किया गया है। 2 मार्च की शाम 5:56 बजे से भद्रा प्रारंभ होगी, जबकि रात्रि 1:26 से 2:30 बजे तक भद्रा पुच्छ में होलिका दहन शुभ रहेगा। 3 मार्च को प्रातः 6:55 बजे से चन्द्रग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाएगा, जो शाम 6:47 बजे तक प्रभावी रहेगा। ग्रहण नीमच में शाम 6:30 से 6:47 बजे तक मात्र 17 मिनट दिखाई देगा। सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे तथा पूजा-अर्चना एवं होली खेलना निषेध रहेगा। इसी कारण 3 मार्च को धुलेण्डी मनाना अशुभ मानते हुए 4 मार्च को पर्व मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।