नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच शहर में आयोजित गरिमामयी समारोह में लेखिका रेणुका जयशंकर व्यास की नवीन कृतियों ‘आख्यायिका’ एवं ‘दृष्टि पथ’ का विधिवत विमोचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। लेखिका ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनके लिए लेखन केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज, संवेदना और जीवन अनुभवों को शब्दों में संजोने का माध्यम है। उन्होंने साहित्य को मनुष्य को विचारशील बनाने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने वाला सशक्त साधन बताया। कार्यक्रम में नगर समस्या एवं सुझाव ग्रुप के एडमिन विवेक खण्डेलवाल ने स्वागत भाषण दिया।
डॉ. अशोक जैन ने कहा कि लेखन समाज का दर्पण है और नई पीढ़ी को दिशा देने में सहायक है। ज्ञानोदय यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. माधुरी चौरसिया ने साहित्य को संस्कारों का संवाहक बताया। भीलवाड़ा के साहित्यकार राजेन्द्र गोपाल व्यास ने लेखिका की रचनाओं की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार प्रमोद रामावत ‘प्रमोद’ ने किया। दोनों पुस्तकों की समीक्षा प्रो. डॉ. संजय जोशी ने की। समारोह में लेखिका और अतिथियों का शॉल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह से सम्मान किया गया। बड़े पैमाने पर एनएसएसजी सदस्य, चिकित्सक, साहित्य प्रेमी और समाजजन उपस्थित रहे।