नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था कृति द्वारा आयोजित “कृति उत्सव–2026 : नृत्य महोत्सव” में भरतनाट्यम की आकर्षक और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में शास्त्रीय नृत्य की परंपरागत शैली, भाव-अभिनय और लय का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिससे वातावरण कला और अध्यात्म की अनुभूति से भर गया। कार्यक्रम की शुरुआत “नटेश कौटुवम” से हुई, जिसमें भगवान शिव के नटराज स्वरूप की स्तुति को ऊर्जावान नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद “शब्दम्” में भाव-अभिनय के जरिए भगवान कृष्ण की लीलाओं का सुंदर चित्रण किया गया। रागमालिका और मिश्र चापु ताल पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। आगे “नृत्यति नृत्यति” में भगवान शिव के आनंदमय तांडव और ब्रह्मांडीय संतुलन के प्रतीकों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। वहीं “बिहाग तिल्लाना” की तेज लयबद्ध प्रस्तुति में नृत्य की तकनीकी दक्षता और तालबद्धता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रस्तुत “नर्मदा वंदना” ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया, जिसमें माँ नर्मदा की महिमा और पवित्रता को भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कृति संस्था की महिला सदस्यों का सम्मान किया गया तथा संस्था के पूर्व सचिव स्व. बाबूलाल पोरवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य अतिथि, संस्था पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।