नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच पशुओं के इलाज के लिए चलाई जा रही 1962 पशु चिकित्सा मोबाइल एंबुलेंस सेवा के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शहर के एलआईसी चौराहे पर चौरड़िया अस्पताल के सामने हमारी टीम के लाइव स्टिंग में सरकारी एंबुलेंस से निजी सामान उतारते हुए कर्मचारियों को कैमरे में कैद किया गया। शुक्रवार शाम करीब 4:50 बजे एमपी02जेडए0495 नंबर की पशु एंबुलेंस अचानक मौके पर आकर रुकी। वाहन रुकते ही उसमें मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों ने पीछे का दरवाजा खोलकर अंदर रखी भारी लकड़ी की अलमारी को बाहर निकालना शुरू किया। कुछ ही देर में चार लोगों ने मिलकर अलमारी को नीचे उतारा और पास ही स्थित इंदौर पेट क्लिनिक के गोदाम में रख दिया। बताया जा रहा है कि यह क्लिनिक पशु चिकित्सक डॉ. संदीप शर्मा से जुड़ा है। पूरी घटना सड़क किनारे खुलेआम हुई, जिसे हमारी टीम ने फोटो और वीडियो में रिकॉर्ड किया। जिस एंबुलेंस का उपयोग बीमार और घायल पशुओं के इलाज के लिए होना चाहिए, उसका फर्नीचर ढोने में उपयोग होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. राजेश पाटीदार ने इसे गलत बताते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।