शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में गांधी वाटिका में बैठक, सरकार से राहत की मांग  | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर शिक्षकों में बढ़ते असंतोष के बीच रविवार को गांधी वाटिका प्रांगण में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में अध्यापकों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में पिछले लगभग 30 वर्षों से कई शिक्षक शासकीय विद्यालयों में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं और उनके द्वारा बेहतर परीक्षा परिणाम भी दिए जा रहे हैं। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था वर्ष 2009 से लागू की जानी थी, जबकि प्रदेश में 1998 से अब तक जो भर्तियां हुई हैं, वे शासन के नियमों के अनुसार ही की गई हैं। बैठक में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि 2009 से पूर्व नियुक्त और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को इस अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए अन्य राज्यों की तरह सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। बैठक में कंवरलाल नागदा, मनीष पुरोहित, भारत राठौर, विनोद राठौर सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

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