नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच आपराधिक प्रकरणों में साक्ष्य एकत्र करते समय पुलिस अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अनुसंधान के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए अभियोजन अधिकारियों का भी दायित्व है कि वे समय-समय पर मार्गदर्शन देते रहें। ये विचार विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) रश्मि मिश्रा ने एक दिवसीय कार्यशाला में व्यक्त किए। जिला अभियोजन संचालनालय, नीमच द्वारा अभियोजन अधिकारियों की दक्षता व ज्ञान संवर्धन हेतु यह कार्यशाला 15 मार्च को होटल श्रेष्ठा पैराडाइज में आयोजित की गई।
कार्यक्रम मध्यप्रदेश अभियोजन संचालनालय के संचालक बी.एल. प्रजापति के निर्देश व प्रभारी संयुक्त संचालक रामेश्वर कुमरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया रहे, जबकि अध्यक्षता सहायक निदेशक अभियोजन जगदीश चौहान ने की। सिसोदिया ने इस प्रकार की कार्यशालाओं के नियमित आयोजन पर जोर देते हुए इसे अनुभव और ज्ञान वृद्धि का माध्यम बताया। कार्यशाला का विषय पॉक्सो अधिनियम व महिलाओं-बच्चों के विरुद्ध अपराधों में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना रहा। अंत में आभार अजय वर्मा ने व्यक्त किया।