कांग्रेस में किसान कांग्रेस को लेकर बवाल जिलाध्यक्ष की नियुक्ति रूकी- फेसबुक मचा घमासान | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज | कांग्रेस में कोई भी कार्य शांति से नहीं होता है। एक-दूसरे की टांग खिंचाई ऐसी होती हे कि बवाल मच जाता है। वैसे ही कांग्रेस वर्तमान में सबसे बुरे दौर में है। 20 साल से सत्ता से बाहर है, कार्यकर्ता खंड-खंड है और नियुक्ति को लेकर आए दिन बवाल खड़ा होता है। इस बार विवाद किसान कांग्रेस जिलाध्यध्यक्ष को लेकर है। इस पद पर जावद के युवा किसान नेता बाल किशन धाकड़ को  नियुक्त किया गया था लेकिन लेटर जारी  होते ही बवाल ऐसा मचा कि आदेश रूक गए। बालकिशन धाकड़ के सिर सेहरा बांधते-बांधते रह गया।  बताया जाता है कि किसान कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में दिग्विजय सिंह आमलीखेड़ भी है, वे भी लंबे समय से लॉबिग कर रहे थे और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के खास समर्थक है पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरूण बाहेती की पसंद नहीं है, साथ ही जावद के कांग्रेस नेता सत्यनारायण पाटीदार भी विरोध में है ऐसे में उनका नाम दौड़ से बाहर हो गया था।  बाल किशन धाकड़ का विरोध इसलिए…  किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद पर  बालकिशन धाकड़ का नाम तय हो गया तो इसको कर सवाल उठने लगे। उनके नाम का विरोध फेसबुक पर तेज हुआ और कई आरोप लगे। बताया जाता है कि कांग्रेस प्रत्याशी रहे समंदर पटेल से चुनाव के समय बालकिशन धाकड़ ने जो सौदेबाजी की थी, वह मंहगी पड़ गई ओर समंदर पटेल ने विरोध दर्ज करा दिया, इसके जिसके चलते नियुक्ति रूक गई। कटघेरे में जिलाध्यक्ष- तरूण बाहेती इस नियुक्ति विवाद को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरूण बाहेती पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताते हैं दिग्विजय सिंह आमलखेड़ा और तरूण बाहेती के बीच छत्तीस का आंकड़ा है, इसलिए उनके विरोध के चलते नियुक्ति नहीं हो पाई, साथ ही बालकिशन धाकड़ और तरूण बाहेती के बीच सौदेबाजी कर पद दिलाने की चर्चा शहर में चल रही है।

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