हनुमान जयंती पर संगम तीर्थ बालाजी कुड़ी में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवाहित, पंडित पुष्कर नागदा ने बताए जीवन के मूल सूत्र | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच हनुमान जयंती के पावन अवसर पर संगम तीर्थ बालाजी कुड़ी काना खेड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा कथा ने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और जीवन मूल्यों से सराबोर कर दिया। श्री बालाजी कुड़ी मंदिर सेवा विकास समिति एवं आसपास के ग्राम—कानाखेड़ा, बिजलवास, बामनिया और रातड़िया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। कथा वाचन के दौरान पंडित पुष्कर नागदा ने जीवन के गूढ़ संदेशों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए कहा कि “माता-पिता की सेवा ही सच्चा तीर्थ है।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान गणेश ने समस्त ब्रह्मांड की परिक्रमा करने के स्थान पर अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की परिक्रमा की, जिससे वे प्रथम पूज्य देव बने। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि घर में माता-पिता की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म और पुण्य है। उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता बीमार हों और संतान उन्हें छोड़कर तीर्थ यात्रा पर जाए, तो वह यात्रा निष्फल मानी जाती है। माता-पिता की सेवा से ही घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। पंडित नागदा ने “ॐ नमः शिवाय” मंत्र के जाप का महत्व बताते हुए कहा कि इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

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