नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच बालाजी कुड़ी हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा में भागवत आचार्य पंडित पुष्कर नागदा महाराज ने सत्संग और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग के बिना विवेक नहीं आता और संतों के सानिध्य में जीवन स्वर्ण समान बन जाता है, जबकि बुरी संगति जीवन को पतन की ओर ले जाती है। सत्संग भक्ति करने वालों के जीवन में दुःख नहीं टिकता और इसका फल कभी निष्फल नहीं जाता।
महाराज ने कहा कि मनुष्य को सदैव पुण्य कर्म करते रहना चाहिए, क्योंकि मृत्यु के बाद केवल कर्म ही साथ जाते हैं। गंगा स्नान से शरीर पवित्र होता है, जबकि भागवत श्रवण से मन शुद्ध होता है। उन्होंने धैर्य, विश्वास और भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि परमात्मा पहले परीक्षा लेते हैं, फिर फल देते हैं। कृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान पांडाल में भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। बालक गोरांश को बालकृष्ण के रूप में सजाया गया, वहीं नंद बाबा और यशोदा मैया के रूप में प्रस्तुत झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
