नीमच टुडे न्यूज | सेंट्रल जीएसटी के अतिरिक्त आयुक्त वीरेंद्र कुमार जैन (IRS) ने कहा कि यदि GSTR-1 रिटर्न सही और समय पर भरा जाए, तो जीएसटी से जुड़ी लगभग सभी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने इसे जीएसटी प्रणाली की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि GSTR-1 और GSTR-3B का सही तरीके से फाइल होना पूरी कर व्यवस्था को सुचारु बनाता है। नीमच आगमन पर कर सलाहकारों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा उनका स्वागत किया गया। इस दौरान आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि GSTR-1 की समयबद्धता से अन्य रिटर्न स्वतः ही व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ते हैं और करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकता है। बैठक की शुरुआत स्वागत के साथ हुई। इस मौके पर ICAI नीमच ब्रांच के चेयरमैन सीए राजकुमार गोयल, वाइस चेयरमैन सीए एन. पाटीदार और सेक्रेटरी सीए भावेश सिंघल मौजूद रहे। वहीं टैक्स बार नीमच के अध्यक्ष बी.एल. धनोटिया और सेक्रेटरी नवीन जैन सहित कई कर सलाहकार भी उपस्थित रहे। जीएसटी नीमच रेंज से अधीक्षक कमलेश शर्मा, निरीक्षक गोवर्धन और टैक्स असिस्टेंट रक्षा चौधरी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य विभाग और कर पेशेवरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशना रहा। इस दौरान विभिन्न कर संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और प्रतिभागियों ने अपने सुझाव भी रखे। बैठक में सीए हर्षल बिंदल, हरिओम साहू, टैक्स सलाहकार अंकित अग्रवाल, नयन मारू, रवि सेठिया और एडवोकेट आदित्य सिंहल भी उपस्थित थे।
