नीमच में मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत 15 हितग्राहियों को मिली मूर्रा नस्ल की भैंसें |@NeemuchToday

दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से नीमच जिले में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत 15 हितग्राहियों को अनुदान पर मूर्रा नस्ल की दो-दो भैंसें प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार प्रदेश में आगामी पाँच वर्षों में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लिए राज्य सरकार द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, क्षीरधारा कार्यक्रम, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किए जा रहे हैं।इसी के साथ आचार्य विद्यासागर योजना एवं डेयरी प्लस योजना के माध्यम से राज्य के बाहर से उन्नत नस्ल के पशु खरीदकर जिले में दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। 

उप संचालक पशुपालन डॉ. राजेश पाटीदार ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले को डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत 15 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजना की लागत 2 लाख 95 हजार रुपये निर्धारित है, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।जिले के कारूलाल बाछड़ा (तलाऊ), रामनिवास मेलानखेड़ा, कैलाश लासुर, नरेंद्र उमाहेडा, अनिल खेड़ा दारू, राधेश्याम महागढ़, मृत्युंजय चुकनी, सद्दाराम भील का खेड़ा, कमलेश डिकेन, जगदीश उपरेड़ा, संजय झांतला, अमरसिंह हरवार, कारूलाल चोथखेड़ा, विष्णु और मुकेश मालखेड़ा को करनाल (हरियाणा) से क्रय कराई गई मूर्रा नस्ल की भैंसें प्रदान की गई हैं।

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