नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच समीपवर्ती ग्राम जमुनिया खुर्द में सोनगरा (राजपूत) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा में श्रद्धालु भक्तों की बड़ी संख्या उमड़ी। कथा के दौरान अंबाजी धाम निपानिया (जिला मंदसौर) के परम पूज्य गुरुदेव सरकार ने बेटियों के सम्मान और महत्व पर भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “बेटी है तो कल है, बेटी कभी पराई नहीं होती, वह अपनी होती है। बेटा भाग्य से और बेटियां सौभाग्य से जन्म लेती हैं। अनेक जन्मों के पुण्य के बाद परिवार में बेटी का आगमन होता है।” गुरुदेव सरकार ने कहा कि पिता संसार का हर दुख सह सकता है, लेकिन बेटी की विदाई सहन नहीं कर पाता।
जिस प्रकार बेटी की विदाई होती है, उसी भाव से श्रीमद् देवी भागवत की विदाई भी होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अच्छे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शस्त्रों के घाव भर जाते हैं, लेकिन मन के घाव नहीं भरते, इसलिए मन में कभी किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखनी चाहिए। कथा के दौरान दशा माता व्रत, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी बताया गया। इस अवसर पर सोनगरा राजपूत परिवार की 21 मातृशक्ति महिलाओं ने जीवन पर्यंत गौसेवा व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। गौरतलब है कि परम पूज्य गुरुदेव सरकार के श्रीमुख से श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा 9 से 15 जनवरी तक जावद तहसील के ग्राम सुवाखेड़ा में आयोजित होगी।