मालाहेड़ा में श्रीमद भागवत कथा का चौथा दिन: पंडित भीमाशंकर शास्त्री ने अहंकार त्याग और सेवा का संदेश दिया | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | गांव मालाहेड़ा में श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन चल रहा है, जिसमें चौथे दिन कथावाचक पंडित भीमाशंकर शास्त्री ने भक्तों को जीवन और भक्ति का मार्ग समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में भक्ति, सेवा और सदाचार के बिना जीवन अधूरा है और व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए। कथा के दौरान शास्त्री ने प्रह्लाद और भगवान की कृपा के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि मन, वाणी और कर्म से हमेशा प्रभु का स्मरण करना चाहिए। पंडित शास्त्री ने यह भी कहा कि सेवा ही सच्ची साधना है और समाज सेवा के बिना भक्ति अधूरी है।

उन्होंने उपस्थित भक्तों और ग्रामीणों से बच्चों में धर्म और नैतिकता का बीज बोने का आह्वान किया, ताकि वे अपने सनातन धर्म को जान सकें और समझ सकें। उन्होंने कहा कि नित्य भजन, सत्संग और दान को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। कथा पंडाल हरे कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर चौथे दिन पार्षद प्रतिनिधि और भाजपा नेता लालचंद राठौर और दिनेश राठौर भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्रीमद भागवत के दर्शन कर कथावाचक पंडित भीमाशंकर शास्त्री से आशीर्वाद लिया। आयोजन में भक्तों की भारी उपस्थिति रही और उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान एवं भक्ति भाव से कथा का आनंद लिया। यह आयोजन गांव में आध्यात्मिक चेतना और धर्म की भावना को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है।

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