नीमच टुडे न्यूज़ | चीताखेड़ा इन दिनों ग्राम राबडिया अयोध्या धाम का स्वरूप धारण किए हुए है। श्रीराम कथा महोत्सव समिति एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से नई आबादी राबडिया में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव “ज्ञान गंगा” में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। कथा मर्मज्ञ पूज्या बालव्यास अंशिका देवी श्रीधाम के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीराम कथा ज्ञान वर्षा में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। मंगलवार को कथा के पांचवें दिन श्रीराम-जानकी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। बालव्यास अंशिका देवी ने कहा कि माता जानकी भक्ति का स्वरूप है

और पत्नी वही श्रेष्ठ होती है जो पति के दुःख को कहने से पहले समझ जाए। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में बेटियां होती हैं, वह परिवार वास्तव में धनवान होता है। साथ ही उन्होंने ब्रह्म विवाह को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए आज के समय में प्रचलित विभिन्न विवाह प्रकारों पर भी प्रकाश डाला। कथा पंडाल में श्रीराम द्वारा धनुष तोड़कर माता जानकी से विवाह की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण के मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। पंडाल “सीता-राम” के जयकारों से गूंज उठा। प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक कथा का आयोजन हो रहा है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।