कायस्थ समाज की ऐतिहासिक पहल, नीमच में पहली बार भगवान चित्रगुप्तजी की कथा  | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ । मालवा-मेवाड़ की संगमस्थली नीमच में भगवान श्री चित्रगुप्तजी की संगीतमयी एक दिवसीय दिव्य कथा का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कायस्थ समाज, मालवा-मेवाड़ के चित्रांश बंधुओं एवं चित्रांश संयोजक मंडल के तत्वावधान में लायन डेन, नीमच पर यह कथा संपन्न हुई। वृंदावन धाम से पधारे श्री 1008 जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंदजी महाराज ने कथा का रसपान कराया। इससे पूर्व नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान चित्रगुप्तजी एवं उनके बारह पुत्रों की दिव्य झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कथा में स्वामी सच्चिदानंदजी महाराज ने भगवान चित्रगुप्तजी को न्याय, लेखन एवं कर्मफल के आदर्श देवता बताया। उन्होंने युवाओं से सनातन संस्कृति, माता-पिता के सम्मान और राष्ट्र सेवा का आह्वान किया। कार्यक्रम में विधायक दिलीपसिंह परिहार सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। आयोजन से समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ।

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