नीमच टुडे न्यूज़ | सनातन संस्कृति की एकता और शक्ति का भव्य प्रदर्शन दड़ौली मंडल क्षेत्र में देखने को मिलने जा रहा है। 18 जनवरी, रविवार को यहां एक ऐतिहासिक और विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जो अंबा माता मंदिर परिसर में संपन्न होगा। इस महाआयोजन में दड़ौली मंडल के 10 गांव—दड़ौली, पनोली, रूपाहेली, आम्बा, कान्याखेड़ा, लक्ष्मीपुरा, मांडा, झिरमिर, परपड़िया और महेन्द्री के हजारों हिन्दू एक मंच पर एकत्रित होकर एकता और संस्कारों का संदेश देंगे। सम्मेलन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह, उल्लास और तैयारियों का माहौल बना हुआ है।
इस विराट आयोजन के संयोजक राजेंद्र नागर एवं सह-संयोजक मंगल पुरोहित हैं। संघ शताब्दी के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशाल हिन्दू सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए कार्यकर्ता पिछले एक माह से तैयारियों में जुटे हुए हैं। स्थानीय युवाओं में सम्मेलन को लेकर खासा जोश देखने को मिल रहा है।
पूरे दिन कई कार्यक्रम किए जाएंगे आयोजित
पूरे दिन भर विविध और भव्य कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। सम्मेलन की शुरुआत गौ माता की विधिवत पूजा से होगी, जिसके पश्चात भारत माता की भव्य महा आरती होगी। इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे, वहीं मातृशक्ति का प्रेरणादायी उद्बोधन भी कार्यक्रम की विशेष पहचान रहेगा। संतों की गरिमामयी उपस्थिति से सम्मेलन का आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय एवं गौरवशाली बनेगा। यह विराट आयोजन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसमें सभी आगंतुकों के लिए ससम्मान भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई है।
युवाओं में भारी उत्साह
10 गांवों के एक साथ होने वाले इस विराट सम्मेलन को लेकर सभी गांवों में उत्सव जैसा माहौल है। खासकर युवाओं में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन समिति का कहना है कि यह सम्मेलन हिन्दू समाज की एकता, संस्कृति और संस्कारों को मजबूत करेगा। क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अंबामाता के दरबार में गरिमामयी विराट आयोजन
दड़ौली क्षेत्र के आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले चमत्कारी अंबामाता मंदिर के पावन प्रांगण में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। अंबामाता मंदिर न केवल क्षेत्र का विशाल मंदिर है, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और चमत्कारों के लिए भी प्रसिद्ध है। इस पवित्र स्थल पर आयोजित होने वाला यह सम्मेलन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम बनेगा। अंबामाता के दरबार में जब हजारों श्रद्धालु एक साथ जुटेंगे, तो वातावरण भक्ति, उत्साह और सनातन संस्कारों से सराबोर हो जाएगा।