नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच मनुष्य को जीवन में कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि जहां अहंकार होता है वहां से भगवान चले जाते हैं। विनम्रता से ही परमात्मा प्रसन्न होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। यह विचार रामकथा आचार्य पंडित मनोहर नागदा महाराज (कानाखेड़ा) ने व्यक्त किए। वे श्रीराम भक्त मंडल एवं कॉलोनी क्षेत्रवासियों द्वारा स्कीम नंबर 36 ए स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान गंगा में प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बहन-बेटी को सदैव सम्मान देना चाहिए, इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। उनकी दुआओं से घर-परिवार में खुशहाली आती है।
उन्होंने बताया कि सत्संग, कथा, गुरु, पिता और मित्र के यहां मांगलिक अवसरों पर बिना बुलाए भी जाना पुण्य का कार्य माना जाता है। कथा के दौरान भजन गायक पुष्कर नागदा (नवलपुरा) ने “काशी मंगलम काशीनाथ मंगलम…” और “चलो बुलावा आया है…” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भक्त भक्ति में झूम उठे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में छप्पन भोग अर्पित कर आशीर्वाद लिया तथा आकर्षक झांकी सजाई गई। कथा के मध्य भगवान शिव की भव्य बारात भी निकाली गई, जिसमें भूत-प्रेत, किन्नर और देव स्वरूपों की झांकियों के साथ श्रद्धालुओं ने तांडव नृत्य किया। आरती एवं पूजन में जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।